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कलम थी हाथ में, लिखना सिखाया आपने

कलम थी हाथ में, लिखना सिखाया आपने, ताकत थी हाथ में, हौसला दिलाया आपने, मंजिल थी सामने, रास्ता दिखाया आपने, हम तो अजनबी थे, दोस्त बनाया आपने। दुनिया बदल जाए, तुम न बदलना, मुश्किलों में हो जब भी, याद हमें कर लेना. मांगे भी आपसे तो क्या मांगे, देना कुछ चाहो तो बस मुस्कुरा देना। रहने दे आसमा, जमीं की तलाश कर, सब कुछ यहीं है न कहीं और तलाश कर। हर आरजू पूरी हो तो जीने का क्या मज़ा, जीने के लिए बस एक कमी की तलाश कर। तुम्हे लाखो की भीड़ में पहचानता है कोई, दिन रात खुदा से तुम्हे मांगता है कोई, तुम ख़ुद से वाकिफ नही होंगे इतने, तुम्हे तुमसे भी ज़्यादा जानता है कोई। आंसुओ को बहुत समझाया, तन्हाई में आया न करो, महफिल में हमारा मज़ाक उड़ाया न करो, इसपर आँसू तड़प कर बोले... इतने लोगो में आपको तनहा पाता हूँ, इसीलिए चला आता हूँ। रौशनी होते हुए भी दिल में अँधेरा है, इन अंधेरो में किसी का बसेरा है, आना कभी रोशन करना हमारी महफिल को, देखना दिल की हर दिवार पे नाम तेरा है। ज़ख्म इतने गहरे थे, इज़हार क्या करते, हम ख़ुद निशाना बन गए, वार क्या करते, मर गए हम मगर खुली रही आँखें, अब इससे ज्यादा उनका इन्तिज़ार क्या करते.............................../////

College

College me soft computing our hard computing  ka topic Chal Raha tha sir ne live example diya soft computing ka kuch class ke bache class se bahar the piriyat attend nahi kar rahe the kuch time bad attendance lagvone ke liye aye to sir une andar nahi ane diya .......our uni pe ak soft computing ka live example diya ki enme se kukh ladhko ka campus selection ho gya hoga tabhi ye bahar baithe hai our class me nahi a rahe hai enke dimag me ye bat hai ki ab to hamara cam. ho gya hai to ab padhne ki kya jarurat hai.......ennhe lagta hai ki ab hamari life aram se kat jaye gi..........Matlab unke dimag ne aj se 5 ya 10 saal tak ki batei soch liya hai....ki hamare ane voli life kaisi hogi......yahi hota hai soft computing ...............................??????????
                  Agar ap ko know na ho to class me teacher ke samne jada style nahi dikhani chahiye....ku ki fist imprecation hi last  imprecation hota hai agar ak bar bigad gai to phir kuch bhi kar lo kuch nahi ho sakta....aj ak ladhka sir padha rahe the our voh piche baithe baat kar raha tha ,.....sir ne use khada kar diya our kuch pucha to nahi bata paya sir bole pahli bar class me aye ho kya ...bathane ka tarika tak nahi pata hai ki kaise baithate hai class me our sir use class me sab se aage khada kar diya vohhhh pure piriyat class me sabse age khada raha our sir padhate rahe....Esme sab se achi bat ye thi ki us din ladhke ka college me pahla din tha,.....tabhi to vo yesi harkat kar raha tha agar usne pahle bhi class atend kiya hota to use pata hota ki class me kaise baithate hai......

Intajar

मत इंतज़ार कराओ हमे इतना,  कि वक़्त के फैसले पर अफ़सोस हो जाये, क्या पता कल तुम लौटकर आओ, और हम खामोश हो जाएँ, दूरियों से फर्क पड़ता नहीं, बात तो दिलों कि नज़दीकियों से होती है, दोस्ती तो कुछ आप जैसो से है, वरना मुलाकात तो जाने कितनों से होती है, दिल से खेलना हमे आता नहीं, इसलिये इश्क की बाजी हम हार गए, शायद मेरी जिन्दगी से बहुत प्यार था उन्हें, इसलिये मुझे जिंदा ही मार गए, मना लूँगा आपको रुठकर तो देखो,, जोड़ लूँगा आपको टूटकर तो देखो।, नादाँ हूँ पर इतना भी नहीं ,, थाम लूँगा आपको छूट कर तो देखो।, लोग मोहब्बत को खुदा का नाम देते है,, कोई करता है तो इल्जाम देते है।, कहते है पत्थर दिल रोया नही करते,, और पत्थर के रोने को झरने का नाम देते है।, भीगी आँखों से मुस्कराने में मज़ा और है,, हसते हँसते पलके भीगने में मज़ा और है,, बात कहके तो कोई भी समझलेता है,, पर खामोशी कोई समझे तो मज़ा और है…!, मुस्कराना ही ख़ुशी नहीं होती,,उम्र बिताना ही ज़िन्दगी नहीं होती,, दोस्त को रोज याद करना पड़ता है, क्योकि दोस्त कहना ही दोस्ती नहीं हो, मत इंतज़ार कराओ हमे इतना, कि वक़्त के फैसले पर अफ़सोस हो जाये, क्या पता कल तुम लौटकर आओ, और हम खामोश हो जाएँ, दूरियों से फर्क पड़ता नहीं, बात तो दिलों कि नज़दीकियों से होती है, दोस्ती तो कुछ आप जैसो से है, वरना मुलाकात तो जाने कितनों से होती है, दिल से खेलना हमे आता नहीं, इसलिये इश्क की बाजी हम हार गए, शायद मेरी जिन्दगी से बहुत प्यार था उन्हें, इसलिये मुझे जिंदा ही मार गए, मना लूँगा आपको रुठकर तो देखो,, जोड़ लूँगा आपको टूटकर तो देखो।, नादाँ हूँ पर इतना भी नहीं ,थाम लूँगा आपको छूट कर तो देखो।, लोग मोहब्बत को खुदा का नाम देते है,, कोई करता है तो इल्जाम देते है।, कहते है पत्थर दिल रोया नही करते,, और पत्थर के रोने को झरने का नाम देते है।, भीगी आँखों से मुस्कराने में मज़ा और है,, हसते हँसते पलके भीगने में मज़ा और है,, बात कहके तो कोई भी समझलेता है,, पर खामोशी कोई समझे तो मज़ा और है…!, मुस्कराना ही ख़ुशी नहीं होती,, उम्र बिताना ही ज़िन्दगी नहीं होती,,दोस्त को रोज याद करना पड़ता है, क्योकि दोस्त कहना ही दोस्ती नहीं हो..........................

Ab Kya Baki Raha

अब क्या लिखें हम कागज़ पर, अब लिखने को क्या बाकी है !! इक दिल था सो वो टूट गया, अब टूटने को क्या बाकी है !!

इक शक्स को हम ने चाहा था, इक रेत पे नक्श बनाया था !! वो रेत तो कब कि बिखर चुकी, वो नक्श कहाँ अब बाकी है !!

जो सपने हमने देखे थे काग़ज़ पर सारे लिख डाले !! वो सारे काग़ज़ फिर हम ने दरिया के हवाले कर डाले !!

वो सारे ख्वाब बहा डाले, वो सारे नक्श मिटा डाले !! अब ज़हां है खाली नक्शों का, कोई ख्वाब कहाँ अब बाकी है !!

हम जिनको अपनी नज़मो का, लफ्ज बनाया करते थे !! लफ्जों का बना कर ताजमहल, काग़ज़ पर सजाया करते थे !!

वो हम को अकेला छोड़ गए, सब रिश्तों से मुंह मोड़ गए !! अब रास्ते सारे सूने हैं, वो प्यार कहाँ अब बाकी है !!

अब क्या लिखें हम कागज़ पर, अब लिखने को क्या बाकी

JIndgi Ka Ak Kadva such

जिन्दगी ये किस मोड पे ले आयी है , ना मा, बाप, बहन , ना यहा कोई भाई है . हर लडकी का है Boy Friend, हर लडके ने Girl Friend पायी है , चंद दिनो के है ये रिश्ते , फिर वही रुसवायी है .

घर जाना Home Sickness कहलाता है , पर Girl Friend से मिलने को टाईम रोज मिल जाता है .दो दिन से नही पुछा मां की तबीयत का हाल , Girl Friend से पल - पल की खबर पायी है, जिन्दगी ये किस मोड पे ले आयी है .....

कभी खुली हवा मे घुमते थे , अब AC की आदत लगायी है . धुप हमसे सहन नही होती , हर कोई देता यही दुहाई है .

मेहनत के काम हम करते नही , इसीलिये Gym जाने की नौबत आयी है . McDonalds, PizaaHut जाने लगे, दाल- रोटी तो मुश्कील से खायी है . जिन्दगी ये किस मोड पे ले आयी है .....

Work Relation हमने बडाये , पर दोस्तो की संख्या घटायी है . Professional ने की है तरक्की , Social ने मुंह की खायी है. जिन्दगी ये किस मोड पे ले आयी है

Gaazal

Yuoon lagne Lagi Aajkal Zindgaani, Jase Kahin Chuod De Degi Jawaani Khaan se khaan Aa Gaye Chalte Chalte Badi Bhaat Roup Ki Meharbaani, Kabhi Kahani Thi Ye Zindgaani Ab Gajal ban Gahi hai Meri Zindgaani Idher Udher Dounti Hai Kisi Ko Nazer  Yahi Hai Meri Zindgaani Nazer Nazer Main Zindagi Ban Gahi Hai Nazraani Kabhi Hume Pyaar Tha Hai Jindgaani Ab Jindgaani Se Rusya E Apno Ke Paas Apno se Doori Yahi Hai Meri Zindgaani Yesa Na Ho Kisi Ke Saath Ye Hai Kudrat Ke MeharBaani Socha na tha Ki Kisi Ke Pyaar Me  Dubha Hai Ye Zindgaani Ab Gajal Bhan Gayi Meri Zindgaani Kabhi Jaqm Kabhi Phool Thi Meri Zindgaani Kabhi Nasoor Kabhi Wafa Thi Meri Zindgaani Zindgaani Se Sikya Hai Kisko Yahi Thi Kismat Ke Mehbhaani SochKe Samnder Me Dubha Kahi Salo Se Kisi Hoti Hai Zindgaani Dhadkan Ka ehsaas Hoti hai Zindgaani Har Lamha Hoti Hai Zindgaani Buj Na Sakti Hai jo Sansoo Ke Rehte Jindagi Ke Ahas Hoti Hai zindgaani Se  Ab Na Asha Hai Nazer Pe Na paas Hai Zindgaani Gila hai Kisko Zindgaani Pe Kyunki Ab Gajal Bhan Gahi Hai Meri Zindgaani Gajal Bhan Gahi Hai Meri Zindgaani.......................

Cricket Would Cup 2011

Vohhhhhh... kal ka match dekh kar mano dil hi khush ho gya,  sehwag..ne jo Runo ki barsat ki .......
Ap ko pata hi hoga ki pichle would cup me India Bangladesh se harne ke bad hi woukd cup se Bahar hue thi..
Sehwag ne apne runo se bol diya hai es bar  KARARA JABAB diya jaye ga......kisi bhi team ko chode ge nahi......
             1983 ke would cup me Kapil dev ne bhi 175 run ki sandar pari kheli thi....ab es bar Sehwag ne bhi 175 Runo ki sandar pari kheli hai kya lagta hai .......es Bar India hi would cup Jitegi.......par ak bat our bhi hai 1983 ke would cup me Kapil dev Not out 175 run banaye the Sehwag to out hi ho gye the .....Acha hua sehwag out ho gye nahi to Sachin ke 200 run khatre me pad gaye the......

Zindgi

Zindgi ki Raho me muskile to aye gi Bahut,...
Kitni bhi ho muskile tere raho me ...
muskilo se piche hatna....nahi.....
Manjil tak pahuchne Se pahle Apna rasta na badalna ......
Pyaar To Pyaar Hai, Pyaar Ko Hum Pyaar Karein,
Dil To Dil Hai, Jisko Hum Bekarar Karein,
Mohabbat To Faqt Ek Arzoo Hai Tumhe Pane Ki,
Aap To Aap Hai Jis Par Jaan Nisar Hum Karein…

Love

love cannot be bounded in any boundries of a particular day......its the only requirement of a person from birth to death......still to feel its presence..and for our expressions.....

Criket

Kya baat hai gambhir to abhi se world cup jitne ke liye gambhir dikh rahe hai
89 run ki san dar pari kheli hai aj gambhir ne...........jinka sapna hia world cup jitana vo to kukh nahi kar paye mera matlab sachin our sahwak se hai.. saste me hi nipat gaye......

Mosam

Ab ane vole mosam ko hi le lo ki kitna borring mosam ane vola hai jab log pani ke liye to koi light ke liye to koi sone ke liye ya koi rat hone ka intjar karega....